डेंगू से बचना है तो करे ये उपाय (Dengue Fever Symptoms, Dengue Fever Treatment)

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डेंगू से बचना है तो करे ये उपाय (Dengue Fever Symptoms, Dengue Fever Treatment)

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डेंगू (dengue fever) एक viral fever है जो मादा मच्छर के काटने से फैलता है और यह बुखार किसी भी आयुवर्ग को हो सकता है। और अब यही मौसम चला हुआ है हमे स मौसम में काफी सावधानिया बरतने की आवश्यकता है

मच्छर के काटने के 4-7 दिन बाद ही डेंगू के लक्षण नज़र आने लगते हैं।

डेंगू बुखाdengue feverर होने पर रोगी एवं उसके परिवार वालो को बिल्कुल भी नहीं घबराना चाहिए।  ऐसे मे नीम-हकीम इलाजों से बचे, अच्छे डॉक्टर से Consult  करे और उसी के  अनुसार रोगी की देखभाल करें ।

डेंगू क्‍या है और कैसे होता है? (What is Dengue Fever  And How Does It Happen In Hindi?)

डेंगू के बारे में शायद सभी जानते हैं। यह बीमारी एडीज मच्छर द्वारा काटने से होती है। डेंगू के बारे में सबसे खास बात यह है कि इसके मच्छर दिन के समय काटते हैं जबकि  यह मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। डेंगू के दौरान रोगी के जोड़ों और सिर में तेज दर्द होता है। बड़ों के मुकाबले यह बच्चों में ज्यादा तेजी फैलने वाली बीमारी है। डेंगू बुखार में प्लेटलेट्स का स्तर तेजी से नीचे गिरता है, इसलिए इसका उपचार तुरंत कराने की जरूरत होती है नहीं तो यह जानलेवा भी हो सकता है।

डेंगू के लक्षण इस प्रकार है (Dengue Fever   Symptoms In Hindi)

 बुखार का तेज होना (High fever)

डेंगू का सबसे प्रमुख लक्षण तेज़ बुखार है। डेंगू में 102-103º F तक बुखार आना आम बात है।

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बदन टूटना (Breaking the body)

डेंगू में ज़्यादातर जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द होता है।

जी मिचलाना (Nausea) 

यह भी एक मुुख्य लक्षण है। डेंगू में घबराहट महसूस होती है। 

चकत्ते या रैशेस का हो जाना (Rashes)

गू में छोटे लाल चकत्ते या रैशेस हो जाते है। इन रैशेस में कभी कभी खुजली भी होती है।

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 थकान  महसूस होना (Feeling tired)

डेंगू में थकावट महसूस होती है।

“अगर आपको मौसम बदलने के दौरान ख़ासकर बरसात के समय या उसके बाद तेज़ बुखार, चकत्ते और बदन दर्द होता है, तो डॉक्टर से परामर्श और मेडिकल जाँच कराए “

“जाँच के बाद ही पता चलेगा की आपको डेंगू हैं या नहीं।”

डेंगू का उपचार  (Dengue  Fever Treatment In Hindi)

अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं  (No need to be hospitalized)

गंभीर स्थिति में मरीज को अस्पताल में दाखिल करने की जरूरत पड़ती है। हालांकि डेंगू की गंभीरता न होने की स्थिति में घर पर रह कर ही उपचार किया जा सकता है और पीडि़त व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं होती।

रोगी को तरल पदार्थ का सेवन कराते(Making the patient drink fluids)

 रोगी को तरल पदार्थ का सेवन कराते रहें। जैसे सूप, नींबू पानी और जूस आदि।

रोगी को एंटीबॉयटिक देने की आवश्यकता नहीं (No need to give antibiotic to the patient)

डेंगू वाइरल इंफेक्शन है। इस रोग में रोगी को कोई भी एंटीबॉयटिक देने की आवश्यकता नहीं  होती है। बुखार के आने पर रोगी को  सिर्फ पैरासीटामॉल टैबलेट (Paracetamol Tablet) दें।  कोई दूसरी गोली देने की जरूरत नहीं है ठंडे पानी की पट्टी माथे पर रखें।

डेंगू से बचना है तो करे ये उपाय (Dengue Fever Symptoms, Dengue Fever Treatment)

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शीघ्र ही डॉक्टर से संपर्क करें (Contact a doctor shortly)

रोगी को यदि कहीं से रक्तस्राव हो रहा हो, तब उसे प्लेटलेट्स (Platelets) चढ़ाने की आवश्यकता होती है। डेंगू का बुखार 2 से 7 दिनों तक रहता है। इस दौरान रोगी के रक्त में प्लेटलेट्स की मात्रा घटती है। सात दिनों के बाद स्वत: ही प्लेटलेट्स की मात्रा बढ़ने लगती है। लक्षणों के प्रकट होने पर शीघ्र ही डॉक्टर से संपर्क करें।

Dengue Test से बीमारी की गंभीरता का पता चलता है। इसमें आपके रक्त की जाँच होती है जिससे Platelet Count और ऐसे ही कई मापदंडों का पता चलता है।

डेंगू के उपचार में बकरी का दूध बहुत उपयोगी (Goat milk is very useful in the treatment of dengue)

डेंगू के उपचार में बकरी का दूध बहुत उपयोगी है, इस लेख में हम आपको बता रहे हैं आखिर किन गुणों के कारण बकरी का दूध डेंगू के लिए ‘रामबाण’ माना जाता है। बकरी के दूध से बहुत फायदे हैं खासकर डेंगू में। औषधीय गुणों के कारण यह विशेष गंध वाला होता है।

डेंगू के लिए तो यह रामबाण ही है। दरअसल बकरियां जंगल में औषधीय पौधों को ही अपना आहार बनाती हैं और उनके दूध में इसकी सुगंध हो जाती है। इस दूध में औषधीय गुणों की मात्रा भी बहुत होती है।

पपीते के पत्तों के  जूस का सेवन कराये (Drink papaya leaf juice)

 पपीते के पत्तों को लेकर जूस बनाकर,  पीने से डेंगू में फायदा होता है। इसके लिए कुछ पपीते के पत्तो को ले। फिर  उनको साफ़ कर ले।  फिर एक टोपिये में एक गिलाश पानी ले। फिर उसमे इन पत्तो को डालकर, तब तक उबाले। जब तक ये पानी आधा न हो जाये।

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फिर इस पानी को छानकर ठंडा कर ले और इस पानी को रोगी को  2  से  5  दिन तक लगातार दे। फर्क आपको खुद ही पता चल जायेगा। ये Best  तरीका है, Dendue   Fever  मे रोगी को ठीक करने का ।

यदि आपको पपीते के पत्ते न मिले, तो  आप पपीते के रस की मेडिसिन यानि  Tablet भी रोगी को दे सकते है । बाजार में क्रिपिल्स (Cripills) नाम  की tablet  आती है। इसको लगातार 7  दिनों तक लेने से डेंगू से छुटकारा मिलता है। 

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गिलोय के  जूस का सेवन कराये (Eat guillotine juice)

 गिलोय एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है डेंगू में इसका सेवन लाभदायक होता है। डेंगू के कारण 5 से 6 दिन के अंदर बुखार अपना असर दिखाना शुरू करता है। इसमें शरीर के रक्त में तेजी से प्लेटलेट्स का स्तर कम होता है। गिलोय और 7 तुलसी के पत्तों का रस पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यह रक्त के प्लेटलेट्स का स्तर भी बढ़ाता है।

गिलोय की कड़वाहट को कम करने के लिए इसे किसी अन्य जूस में मिलाकर पी सकते हैं । गिलोय के रस को आप रोगी को 4  घंटो के आन्तराल में लगातार दे सकते है। इससे रोगी को बहुत फायदा होता है। 

डेंगू से बचाव के तरीके  (Prevention Of Dengue Fever In Hindi)

कीटनाशकों का उपयोग करे (Use pesticides)

डेंगू की रोकथाम के लिए जरुरी है कि डेंगू के मच्‍छरों के काटने से बचे और इन मच्‍छरों के फैलने पर नियंत्रण रखा जाए। एडीज इजिप्टी नामक मच्छर के काटने से डेंगू फैलता है। डेंगू का मच्छर अधिकतर सुबह काटता है। डेंगू के मच्‍छरों को कंट्रोल करने के लिए उसके पनपने की जगहों को ही नष्ट कर देना चाहिए। यह मच्छर साफ रुके हुए पानी जैसे कूलर व पानी की टंकी आदि में पनपता है। जिन जगहों पर पानी के जमा होने की उम्मीद हैं वहां कीटनाशकों का उपयोग करें।

पूरी बाजु के कपड़े पहने (Dressed in full sleeves)

रोजाना मच्छरदानी लगाकर सोएं और पूरे कपड़े पहनकर रहें। मच्‍छर ना काटें इसके लिए क्रीम लगाकर रखें।

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घर के आसपास साफ-सफाई रखें (Keep Cleanliness Around The House)

घर में और घर के आसपास साफ-सफाई रखें क्योंकि गंदगी में डेंगू के मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है।

कचरे के डिब्बे को हमेशा ढककर रखें (Always Keep The Trash Can Covered)

कचरे के डिब्बे को हमेशा ढककर रखें। डेंगू वायरस से जल्द निजात पाने के लिए इसके लक्षणों को पहचान कर सही समय पर डॉक्‍टर की सलाह लें। डेंगू के उपचार में अगर अधिक देरी हो जाए तो यह डेंगू हेमोरेजिक फीवर (Dengue Hemorrhagic Fever) का रूप ले लेता है।

डेंगू का घरेलू उपचार (Home Remedies for Dengue Fever  Treatment In Hindi )

तुलसी का पौधा अवश्य लगा कर रखें (Be Sure To Plant A Basil Plant)

अपने घर में तुलसी का पौधा अवश्य लगा कर रखें। तुलसी की खुशबू मात्र से ही डेंगू मच्छर दूर भागते हैं।

घर के आसपास कहीं भी पानी इकट्ठा ना होने दें (Do Not Allow Water To Accumulate Anywhere Around The House)

घर और घर के आसपास कहीं भी पानी इकट्ठा ना होने दें। ध्यान रखें कि डेंगू मच्छर अधिकतर साफ पानी में ही होते हैं। साथ ही साफ-सफाई का भी ध्यान दें।

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नियमित कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल करें (Use Regular Pesticides)

सुबह और शाम को नियमित कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल करें। कई बार हमें डेंगू मच्छर दिखते नहीं हैं लेकिन उनके अण्डे पानी में छिपे रहते हैं। जो बड़े होकर डेंगू बनते हैं। इसलिए कीटनाशक का इस्तेमाल करें।

दिन के वक्त अधिक सावधान रहें (Be More Careful During The Day) 

घर में 24 घंटे मच्छर भगाने की कॉइल का इस्तेमाल करें। खुद भी और बच्चों को भी पूरे बाजू के कपड़े पहनने की सलाह दें और रात को सोते वक्त मच्छरदानी का प्रयोग करें। दिन के वक्त अधिक सावधान रहें। यदि कोई घर में आए तो सबसे पहले उसे हाथ-पैर धोने की सलाह दें। उसके बाद ही उसे चाय के लिए पूछे और हाथ मिलाएं।

तरल पदार्थो का सेवन कराये (Drink Fluids) 

   रोगी को तरल पदार्थो का सेवन कराये  संतरे का रस जरूर पीना चाहिए, क्योंकि यह पाचन में मदद करता है और एंटीबॉडी को बढ़ाता है जो थके शरीर को चुस्ती देता है।

ये थी कुछ जानकारी, जिनको अपना कर । आप इस मौसम में खुद को डेंगू के viral  से बचा सकते हो। आपको मेरा ये आर्टिकल कैसा लगा। आप Comment  Box में बता सकते है। धन्यवाद ।

 
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